शुक कार्तिक ०५ , ५ कार्तिक २०७८, शुक्रबार| थारु संम्बत:२६४४

साँझके घर बाहेरके बह्रवान निकारे नै परठ ।

साँझके घर बाहेरके बह्रवान निकारे नै परठ ।

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