शुक फागुन ०१ , १ फाल्गुन २०८२, शुक्रबार| थारु संम्बत:२६४९

साँझके घर बाहेरके बह्रवान निकारे नै परठ ।

साँझके घर बाहेरके बह्रवान निकारे नै परठ ।

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